यूट्यूबर 'एक्स-मुस्लिम' सलीम वास्तिक, जिसका असली नाम सलीम अहमद उर्फ सलीम खान है, को 31 साल पुराने अपहरण और हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया है. उस पर 1995 में दिल्ली के एक व्यवसायी के 13 वर्षीय बेटे संदीप बंसल का अपहरण कर हत्या करने का आरोप है.
खूनी अतीत की पूरी दास्तां:
अपराध और गिरफ्तारी (1995-1997):
1995 में, सलीम वास्तिक ने अपने एक साथी अनिल के साथ मिलकर 13 साल के संदीप बंसल का फिरौती के लिए अपहरण कर लिया था. फिरौती न मिलने पर उन्होंने बच्चे की हत्या कर दी और शव को नाले में फेंक दिया था. संदीप रामजस स्कूल में पढ़ता था, जहां सलीम खान मार्शल आर्ट्स का प्रशिक्षक था. 1997 में, दिल्ली की एक अदालत ने सलीम और अनिल दोनों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई थी.
कागजों में 'कत्ल' और फरारी (2000-2026):
सलीम को साल 2000 में दिल्ली हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिली, जिसके बाद वह फरार हो गया. पुलिस ने बिना किसी जांच के उसके परिवार के इस दावे को मान लिया कि उसकी मौत हो चुकी है, जिससे जांच धीमी पड़ गई. फरारी के दौरान, सलीम ने अपनी पहचान बदल ली. वह दिल्ली छोड़कर गाजियाबाद चला गया, जहां उसने कुछ समय तक कंस्ट्रक्शन का काम किया और बाद में मौलवी बन गया.
'एक्स-मुस्लिम' यूट्यूबर के रूप में नई पहचान:
पिछले कुछ सालों में, सलीम ने YouTube पर "एक्स-मुस्लिम" सलीम वास्तिक के नाम से एक नई पहचान बनाई. वह इस प्लेटफॉर्म पर धार्मिक और विवादास्पद विषयों पर वीडियो बनाता था.
फरवरी 2026 में हमला और गिरफ्तारी:
फरवरी 2026 में, मुस्लिम विरोधी वीडियो बनाने के कारण सलीम वास्तिक पर हमला हुआ था, जिसके बाद वह चर्चा में आया. इस हमले के बाद उसे दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया और मार्च 2026 में उसे उत्तर प्रदेश पुलिस से दो बंदूकधारी पुलिसकर्मियों की सुरक्षा भी मिली थी. इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस को उसके पुराने कारनामों की खबर मिली. जांच के बाद, दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 25 अप्रैल 2026 को गाजियाबाद के लोनी से उसे गिरफ्तार कर लिया.
पीड़ित परिवार का दर्द:
31 साल बाद हत्यारे की गिरफ्तारी से पीड़ित परिवार के पुराने जख्म फिर से हरे हो गए हैं. संदीप की मां ने सलीम को मौत की सजा दिए जाने की मांग की है. उन्हें नहीं पता था कि उनके बेटे का हत्यारा सज़ा से बचकर बाहर आराम की जिंदगी जी रहा है.
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