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Politics

दिल्ली विधानसभा विशेष सत्र: रेखा गुप्ता का विपक्ष पर तीखा हमला

29 Apr 2026 Zinkpot

विशेष सत्र में जोरदार बयान
28 अप्रैल 2026 को दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और सपा जैसी पार्टियों ने महिला सशक्तिकरण को सिर्फ अपने परिवार तक सीमित रखा, जबकि उनकी सरकार महिलाओं को वास्तविक रूप से आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

 

बयान के मुख्य बिंदु
रेखा गुप्ता ने कहा कि विपक्षी दलों ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का समर्थन न करके महिलाओं के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जाति और धर्म के नाम पर बहाने बनाकर इस बिल को कमजोर करने की कोशिश की गई। इसके साथ ही भाजपा सरकार ने विधानसभा में विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी पेश किया, जिससे इस मुद्दे को और राजनीतिक रंग मिला।

 

राजनीतिक संदर्भ और रणनीति
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब महिला आरक्षण बिल को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने में देरी हो रही है। इसके जवाब में भाजपा शासित राज्यों में विशेष सत्र बुलाकर महिलाओं के अधिकारों को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दिखाने की कोशिश की जा रही है। दिल्ली में 33% महिला आरक्षण (70 में से 23 सीटें) पर जोर देकर सरकार यह संदेश देना चाहती है कि वह महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के लिए गंभीर है।

 

भाजपा का रुख
भाजपा इस मुद्दे को अपने पक्ष में एक मजबूत राजनीतिक नैरेटिव के रूप में पेश कर रही है। पार्टी का कहना है कि वह महिलाओं को राजनीति में अधिक अवसर देने के लिए ठोस कदम उठा रही है और विपक्ष इसके रास्ते में बाधा बन रहा है।

 

विपक्ष का संभावित जवाब
विपक्षी दल, खासकर कांग्रेस, लंबे समय से महिला आरक्षण का समर्थन करते रहे हैं, लेकिन उन्होंने इसके लागू करने के तरीके पर सवाल उठाए हैं। विशेष रूप से पिछड़े वर्गों और अल्पसंख्यकों के लिए अलग कोटा (सब-क्वोटा) की मांग की जाती रही है। विपक्ष का तर्क है कि सरकार इस मुद्दे का राजनीतिक फायदा उठा रही है।

 


रेखा गुप्ता का राजनीतिक सफर
Rekha Gupta ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत संगठनात्मक स्तर से की और धीरे-धीरे पार्टी में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। उनकी मुख्यमंत्री पद तक पहुंच भाजपा की महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा मानी जाती है।

 

महिला आरक्षण बिल कब लागू होगा?
महिला आरक्षण बिल के लागू होने के लिए जनगणना और परिसीमन (delimitation) जैसी प्रक्रियाएं पूरी होना जरूरी हैं। इसलिए इसके लागू होने में अभी कुछ समय लग सकता है।

 

भाजपा की महिला-केंद्रित योजनाएं
भाजपा ने महिलाओं के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें आर्थिक सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी पहल शामिल हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है।

 

कांग्रेस का पुराना रुख
कांग्रेस ने पहले भी महिला आरक्षण का समर्थन किया है, लेकिन सब-क्वोटा जैसे मुद्दों पर पार्टी के अंदर और बाहर मतभेद देखने को मिले हैं, जिससे इस बिल पर सहमति बनना कठिन हुआ।

 

दिल्ली चुनावों पर असर
महिला आरक्षण का मुद्दा आने वाले दिल्ली विधानसभा चुनावों में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है। भाजपा इसे महिला वोट बैंक को साधने के लिए इस्तेमाल कर रही है, जबकि विपक्ष इसके जवाब में अपनी रणनीति तैयार करेगा।
 

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